Saturday, 29 August 2020

सिलाई श्रेणियाँ( अध्याय 5 )

 


नमस्कार दोस्तों,

 Vandana Creations में आपका स्वागत है।

क्या आप जानते हैं टाँके” (स्टिच)और "सिलाई" के बीच का अंतर। चलिए इस के बारे में थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं।

  अध्याय 5

सिलाइयाँ के प्रकार (सीम श्रेणियाँ)

टाँका: टाँका धागे के इंटर लेसिंग(एक धागे का दूसरे धागे में फ़सना) के माध्यम से जोड़ का एक गठन है। लॉकस्टिच सिलाई मशीन में यह सूई के धागे और बोबिन केस के धागे द्वारा बनाया जाता है। यह सीम का बिल्डिंग ब्लॉक है और अंत में एक गारमेंट का होता है।

  सिलाई टाँकों  द्वारा बनाई गई रेखा को सिलाई” (seam / स्टिचिंग लाइन ) कहा जाता है।सीम एक जोड़ है जिसे सुई और धागे की मदद से बनाया जाता है ताकि दो या अधिक कपड़े की परतों को एक साथ पकड़ सकें। सिलाई को हाथ या मशीन की मदद से बनाया जाता है। परिधान के निर्माण के दौरान विभिन्न प्रकार की सिलाई श्रेणियों का उपयोग किया जाता है। चाहे ब्लाउज का डार्ट हो या पॉकेट की फिनिशिंग हो, उनमें उनमें अलग अलग प्रकार की सिलाइयाँ होती हैं जो एक विशिष्ट स्थिति में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाती हैं।इन विभिन्न प्रकार की सिलाई क्लास (श्रेणी)को समझने से पहले समझते हैं एक और टेक्निकल शब्द को:

Seam Allowance :

सीम अल्लोवान्स (सिलाई भत्ता): सिलाई और कपडे की किनारी के बीच जो कपडा होता है उस को सीम भत्ता कहा जाता है। 

                                   


   

 तो दोस्तों आइए विभिन्न प्रकार की सिलाई श्रेणियों और परिधानों व् उनके उपयोग पर एक नज़र डालते हैं। ये सिलाइयों के विभिन वर्ग हैं जिनके आधार पर इन्हें वर्गीकृत किया गया है।

Seam Classification (सीम वर्गीकरण):
Seam class 1(सीवन श्रेणी1)- सुपरिम्पोज्ड सीम - जब एक कपड़े को दूसरे
 कपड़े पर समान रूप से रखा जाता है और सिलाई की जाती है तो उसे
 सुपरइम्पोज्ड सीम कहा जाता है। यह एक दूसरे पर आरोपित दो या दो से
 अधिक कपडे की तेह के साथ बनी सीम का प्रकार है।इस श्रेणी की सिलाइयाँ
 टाँकों  की एक या अधिक पंक्ति का उपयोग करके किनारे के पास लगाई 
 जाती है। इसका उद्देश्य कपड़ों के लिए एक मजबूत सिलाई बनाना है।
* इस सिलाई के निर्माण में कपडे की दोनों किनारियाँ एक तरफ रहती हैं।
* यह सिलाई आमतौर पर लॉकस्टिच मशीनों पर बनाई जाती है। 
* ज्यादातर कपड़ों को सिलाई में इस श्रेणी का इस्तेमाल किया जाता है

    










Seam class 2(सीवन श्रेणी 2) - लैप्ड सीम - लैप्ड सीम एक मजबूत सीम है
 जो कपड़े के किनारों को खुलने से बचाती है।यह औद्योगिक सिलाई मशीन
 पर केवल एक सिलाई ऑपरेशन के साथ तैयार की जाती है।इस सीम का 
इस्तेमाल आमतौर पर जींस और इसी तरह के अन्य कपड़ों को बनाने के
 लिए किया जाता है।
* उद्योग जगत में लैप्ड सीम को 401 चेन स्टिच से सिला जाता है।
* मजबूत निर्माण के कारण इस सिलाई का उपयोग जीन्स बनाने में किया 
जाता है।

 
 










Seam class 3 (सीवन श्रेणी 3) - बाउंड सीम - ये एक बाध्य सिलाई है ,जो 
कपडे की खुली किनारी को कपडे की अन्य किनारी के साथ जोड़ने में 
इस्तेमाल की जाती है। यह कपड़े के किनारे को कवर करके बनाई गई एक
 मजबूत सिलाई प्रकार है। यह सिलाई की एक या एक से अधिक पंक्तियों के
 माध्यम से बनाई जाती है। यह परिधान को एक साफ ,सजावटी और मजबूत
 रूप देती है।
  * औद्योगिक सिलाई मशीनों में'बाइंडर्स'के इस्तेमाल से बाउंड सीम लगाई 
जाती है।
  * इस सिलाई के निर्माण में श्रेणी 300 लॉकस्टिच और 400 चेन सिलाई का
 इस्तेमाल किया जाता है । 

Seam class 4 (सीवन श्रेणी 4) - फ्लैट सीम - यह सिलाई का एक रूप है
 जिसमें कपड़े के दो किनारों को एक दूसरे को छूटे हुए आमने सामने रख
 कर रखकर बनाई जाती है। इस सीम को "फ्लैट सीम" कहा जाता है क्योंकि
 इस प्रकार के जोड़ में कपड़े की मोटी तेह नहीं लगती बल्कि दोनों कपडे एक
 दूसरे के सामने रख कर धागों द्वारा जोड़े जाते हैं। जिस के परिणामस्वरूप
 जोड़ पतला व् लचकीला रहता है। । कपड़े के दो किनारों को धागे के नेटवर्क
 द्वारा एक साथ बांधा जाता है।
* इस तरह का सीम एक स्ट्रेचेबल(जॉइंट) का निर्माण करता है।
* इस तरह की सिलाई "चेन स्टिच" मशीनों द्वारा की जाती है।
* सीम का उद्देश्य एक संयुक्त उत्पादन करना है,जहाँ कपडा इकटठा न हो।
* इस प्रकार की सिलाई को आमतौर पर बुनाई हुए कपड़ों में इस्तेमाल किया
 जाता है।
* इस तरह की सीम को आमतौर पर अंडर गारमेंट्स या फाउंडेशन गारमेंट्स
 पर लगाया जाता है।
*इस्तेमाल किये जाने वाले टाँके : श्रेणी 600 चेन सिलाई या कवर सिलाई।
 

Seam class 5(सीवन श्रेणी 5)- सजावटी सीम / सजावटी सिलाई -
 सिलाई के साधनों द्वारा से गारमेंट  की बहरी तरफ की गई 
 किसी भी प्रकार की सजावट को सजावटी सीम कहा जाता है।
* सजावटी डिजाइन इस सीवन श्रेणी की मदद से बनाए जाते हैं।
* इस संबंध में एक जटिल प्रक्रिया पाइपिंग स्टिच है जो कपड़े  की 
सतह के साथ उठी हुई रेखा का एक रूप पैदा करती है।

Seam class 6 (सीवन श्रेणी 6) - एज फिनिशिंग सीम / नीटनिंग -

 एज फिनिशिंग या नीटनिंग में टाँकों के साथ कपडे की खुली किनारी को बंद

करना(कवर करना) शामिल है।

* सर्जिंग एज फिनिशिंग सीम का उदाहरण है।
* यह कपड़े के किनारे को एक साफ फिनिश देने के लिए किया जाता है।
* इन सीम को बिना सिले वस्त्र की किनारी पर लगाया जाता है ताकि इसके
 किनारों को खुलने से बचाया जा सके 
* एज फिनिशिंग सीम को ट्राउजर, फेसिंग और फ्लाई के पैनल पर लगाया
 जाता है।

Seam class 7(सीवन श्रेणी 7)- अलग-अलग वस्तुओं को जोड़ना- जैसा कि
 नाम से पता चलता है, इस वर्ग में वह सिलाई शामिल है जिसे कपड़े के
 किनारे पर संलग्न करने के लिए एक और घटक की आवश्यकता होती है
* जैसे कपड़े के किनारे पर लेस,इलास्टिक आदि का लगाव।
* कई सुइयों वाली मशीनों व् फोल्डर का इस्तेमाल कर के ये सिलाई तैयार की
 जाती है।

Seam class 8 (सीवन श्रेणी 8) - सिंगल प्लाई कंस्ट्रक्शन - इस सीम क्लास
 में कपडे के सिंगल प्लाई द्वारा घटक तैयार किया जाता है, जिनके दोनों 
किनारों को इस तरह से अंदर की तरफ सिलाई किया जाता है ताकि गारमेंट
 को एक साफ़ फिनिश दी जा सके जैसे की ट्रॉउज़र की बेल्ट लूप में इस श्रेणी
 की सिलाई लगाई जाती है। 
*इंडस्ट्री में फ़ोल्डर्स का इस्तेमाल कर के इस प्रकार की सिलाइयाँ लगाई
 जाती हैं।

 

 

Practical Sample Works for Beginners ( Second)

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