Thursday, 16 July 2020

अपनी मशीन को समझें ( अध्याय 1)

सिलाई सीखें   Vandana Creations के साथ  

नमस्कार दोस्तों , Vandana Creations आप सभी का  स्वागत है । यहां आप मेरे साथ एक मज़ेदार सफर शुरू कर सकते हैं, जहां आप अपने खुद के ड्रेस डिज़ाइन करना और उन ड्रेसेस को वास्तविक रूप में बनाने में सक्षम होंगे बस कुछ ज़रूरी बातों  का ध्यान रखते हुए आप अपने टार्गेट्स को प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ इस मंच पर हम शुरुवात से सिलाई सीखने जा रहे हैं यह डिजाइनिंग  सीखने के लिए एक बहुत अच्छी शुरुवात है मैं आपको पाठ (lessons)के अनुसार सीरीज के माध्यम से एक एक कर आगे बढ़ने कि सलाह दूंगी जिससे, आपको समझने में आसानी रहेगी एक एक कर के  हम साधारण से ऐडवांस तक आगे बढ़ेंगे। पूरा कोर्स हम पाठ श्रंखला ,फोटो, वीडियो  तथा प्रस्तुति के साथ कवर करेंगे। मुझे यकीन है कि यह पूरा सफर बहुत ही रोचक होने वाला है। कुछ पाठ के बाद हम दिलचस्प प्रोजैक्ट बनाएंगे जोकि आपके अंदर आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे कदम दर कदम हम अपना सफर तय करेंगे तो चलिए दोस्तो शुरू करते हैं अपना सफर Vandana Creations के साथ

Lesson ( अध्याय 1)

 अपनी सिलाई मशीन को जानें



 सिलाई मशीनों के प्रकार

इस पाठ में आप दो प्रकार की सिलाई मशीनों के बारे में जानेंगे, जिनका उपयोग वस्त्र बनाने  में किया जाता है।एक घरेलु  सिलाई मशीन है और दूसरी औद्योगिक सिलाई मशीन है। क्या आप दोनों के बीच का अंतर जानते हैं :

  

घरेलु सिलाई मशीन:


इस मशीन का उपयोग छोटे पैमाने पर सिलाई के काम के लिए किया जाता है। इसका उपयोग महिलाओं द्वारा घरेलु सिलाई के लिए किया जाता है। इसका उपयोग बुटीक या टेलर्स की दुकान पर भी किया जाता है।

घरेलु सिलाई मशीन के प्रकार :

1) मैन्युअल मशीन जोकि हाथ द्वारा ,बैलेंस व्हील के पास लगे हैंडल से चलाई जाती है।

2) फुट पैडल अटैचमेंट के द्वारा चलने वाली मैन्युअल मशीन । फुट पैडल द्वारा मशीन को चलाना आसान हो जाता है और पैर की मूवमेंट से सिलाई की गति बढ़ जाती है।

3) घरेलु सिलाई मशीन में मोटर और एक्सीलेटर के लगाव के कारण यह ऊपर बताई गई मशीनों  के मुकाबले ज्यादा तेज़ चल सकती है।

 औद्योगिक सिलाई मशीन :


औद्योगिक सिलाई मशीन घरेलू सिलाई मशीन का एक भारी  रूप  है। इस
 के अंदरूनी भाग बड़े तथा बढ़िया क्वालिटी से बने होने के कारण इस में 
दिन-रात काम करने की क्षमता होती है। इन मशीनों पर बड़े पैमाने पर
 भारी कैनवास और जींस आसानी से सिले जाते हैं। गारमेंट उद्योग में इन 
मशीनों का ही इस्तेमाल किया जाता है।   
तो दोस्तों सब से पहले  आइये जानते हैं अपनी मशीन के अलग अलग भागों 
को ,और उन के कार्य को। जानते हैं सिलाई मशीन के हिस्सों के बारे में, जो

ऊपर बताई गई दोनों मशीनों में लगभग सामान्य हैं।हमारे सीखना सिखाना

शुरू करने से पहले दोस्तों हमारे लिए हमारी मशीन को जानना महत्वपूर्ण है।

तो चलिए समझते हैं :
सिलाई मशीन भाग :
दोस्तों आप नीचे दिए गए वीडीओ लिंक के द्वारा  भी अपनी मशीन को 
समझ सकते हैं 
👇

ये भाग हैं:
1 सुई - विभिन्न सिलाई मशीनों के लिए विशेष सुइयों का उपयोग किया जाता
 है। सुई का उद्देश्य सिलाई करने के लिए सुई की प्लेट के नीचे के धागे को 
बोबिन केस { डिब्बी ) तक ले जाना है।
सुइयों के आकार के आधार पर कपड़े के लिए दो प्रकार की सुइयों का 
उपयोग किया जाता है। दोस्तों आने वाले पाठों में सुई के बारे में हम सीखेंगे।
घरेलू सिलाई मशीन - फ्लैट शैंक वाली सुई
अम्ब्रेला सिलाई मशीन - गोल शैंक वाली सुई
औद्योगिक सिलाई मशीन - गोल शैंक वाली सुई
2 सुई पेंच - सुई पेंच का उपयोग सिलाई मशीन की सुई को कसने के लिए
 किया जाता है। सुई लगाते समय यह ध्यान देना चाहिए कि सुई का शैंक
 सुई बार में ऊपर कि तरफ अच्छी तरह बैठा हो। यह स्पष्ट रूप से नोट
 किया जाना चाहिए ,क्यों कि अगर हमारी सुई अपनी जगह पर नहीं बैठी
 तो मशीन चलते समय हमारी सुई टूट सकती है। 
3 नीडल प्लेट - यह एक धातु की प्लेट है जो दबाव के पैर के नीचे लगी रहती
  है। यह मशीन पर दो पेचों के साथ लगी होती है। इस में छेद तथा खांचे होते
 हैं और यह सुई को छेद के माध्यम से नीचे जा कर टांके बनाने की अनुमति
 देती है। इसे थ्रोट प्लेट भी कहा जाता है।
4 स्लाइड प्लेट - नीडल प्लेट के साथ लगी एकअन्य प्लेट को स्लाइड
प्लेट कहते हैं ।जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह स्लाइडिंग प्लेट है इसे
सरकाने पर ऑपरेटर मशीन के बैड के नीचे बोब्बिन केस क्षेत्र को  जांच
 सकता हैं ।रखरखाव के दौरान भी मशीन के नीचे  के हिस्सों को  जाँचने 
के लिए  स्लाइडिंग प्लेट सरकाने की ज़रुरत पड़ती है।
5 दबाव पैर या प्रैशर  फुट - दबाव पैर या प्रैशर  फुट सिलाई मशीन का वो 
हिस्सा हैं जो सिलाई मशीन चलने पर कपडे पर दबाव डालता है । यह कपड़े
 को सुई के साथ ऊपर उठने से रोकता है
6 प्रेशर बार - यह एक धातु से बना  हुआ  बार है, जिससे प्रैशर 
 फुट जुड़ा होता है।
7 प्रेशर रेगुलेटर - जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह एक रेगुलेटर यानी 
नियामक है जो प्रेशर बार के सबसे ऊपरी हिस्से में होता है। इसका उद्देश्य 
कपड़े पर प्रैशर  फुट का दबाव बनाना होता है। इसे कपड़े की मोटाई के 
अनुसार एडजस्ट (समायोजित ) किया जा सकता है। जैसे कि यदि कपड़ा
 बहुत मोटा है तो इसे ढीला करना है ताकि सुई की प्लेट पर अधिक दबाव 
न पड़े 
8 प्रेशर फ़ुट लिफ़्टर - यह प्रेशर बार से जुड़ा लीवर होता है। इस लीवर का 
उद्देश्य प्रेशर फ़ुट को  ऊपर उठाना है जब भी ऑपरेटर लिवर को ऊपर 
कि तरफ उठाएगा तो मशीन का दबाव पैर /प्रेशर फुट ऊपर उठ जायेगा 
9 फीड डॉग  - यह एक धातु से बना हिस्सा हैं ,जिस में दांते बने रहते हैं
  जो सिलाई मशीन चलने पर कपडे को सिलने के लिए आगे धकेलते हैं
 यह दांते तिरछे दांतों के साथ क्रॉस कट होते हैं। इसका उद्देश्य सिलाई के
 लिए सुई को कपडा देना है।
 10 थ्रेड टेक अप लीवर - थ्रेड टेक अप लीवर सिलाई मशीन के दबाव पैर
 से थोड़ा ऊपर लगा रहता है। यह धागे को  खींचता है और इसे सुई को 
देता  है और सिलाई बनने के बाद थ्रेड को वापस ऊपर उठाता है। यह एक 
हिस्सा है जो सिलाई करते समय ऊपर नीचे चलता है
11 थ्रेड गाइड्स - यह धातु से बने पुर्ज़े होते हैं जो थ्रेड स्पूल से सुई तक धागे 
को निर्देशित करते हैं। ये उच्च गति मशीन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं ताकि धागे 
को  रील से ले कर सुई तक बिना रुकावट के पहुँचाया जा सके।

12 बोबिन वाइन्डर -बोबिन वाइन्डर सिलाई मशीन से जुड़ा हुआ तंत्र है 
ताकि थ्रेड को बोबिन में भरा जा सके। यह आम तौर पर सिंगल सुई ताला 
सिलाई मशीन के ऊपरी भाग पर और मैनुअल सिलाई मशीनों में हाथ पहिया 
की तरफ पाया जाता है।
13 सिलाई नियामक - सिलाई नियामक एक सिलाई मशीन के टाँके कि  
लम्बाई को सेट करने के  लिए इस्तेमाल किया जाता है । यह एक गोलाकार
 आकार का डायल तंत्र है।
14 रिवर्स सिलाई लीवर - रिवर्स सिलाई लीवर सिलाई मशीन से जुड़ा लीवर 
है।इस के द्वारा सीवन के खुले छोर को पक्का  किया जाता है। इस लीवर
 को नीचे दबाने से मशीन पीछे की तरफ सिलकर सिलाई को पक्का करती 
है।
15 टेंशन पोस्ट- टेंशन पोस्ट का उद्देश्य थ्रेड स्पूल के धागे के दबाव को 

नियंत्रित करना है।इसे थ्रेड रेगुलेटर भी कहा जाता है। ओपरेटर टेंशन पोस्ट से

सुई के धागे के दबाव को नियंत्रित कर सकता है। 

  16 फिंगर गार्ड - यह एक व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण है जो दबाव 
पैर से जुड़ा होता है। इसका उद्देश्य ऑपरेटर की उंगलियों को सुई के द्वारा 
चोट पहुंचाने से बचाना होता है।
17 डिस्प्ले पैनल - कम्प्यूटराइज़्ड मशीन की गति को इस पैनल के माध्यम
 से नियंत्रित किया जाता है। यह मशीन की चरखी द्वारा ली गई RPM 
( रेवोलूशन पर मिनट) को  नियंत्रित करता है जो मशीन की गति को बढ़ाती
 या घटाती  है।  
18 हैंड व्हील / बैलेंस व्हील -हैंड व्हील या बैलेंस व्हील एक गोल पहिया है 
जो सिलाई मशीन के ऊपरी दाईं ओर स्थित है। किसी भी ऑपरेटर को पहिये
 को हमेशा उसकी तरफ घुमाना  चाहिए। इसका उपयोग सिलना शुरू करते 
समय बॉबिन केस ( डिब्बी )से धागा लाने के लिए किया जाता है।
मशीन से कपडा  निकालने के लिए इसे सिलाई के अंत में मैन्युअल
 रूप से घुमाया जाता है।
19 ऑयल द्रिष्टी खिड़की - यह एक औद्योगिक सिलाई मशीन में दी गई 
 ढक्कन नुमा खिड़की है  जो सिलाई मशीन में तेल की उपस्थिति की झलक 
देती है। जब मशीन पूरी गति से चलती है तो अंदर का तेल ऊपर की ओर 
उछल जाता है और खिड़की से देखा जा सकता है। यह मशीन की अच्छी 
आंतरिक स्थिति को दर्शाता है।

20 बोबिन - यह एक धुरी या सिलेंडर होता है जिस पर धागा  भरा जाता है 
ताकि सिलाई बनाने के लिए सुई को धागा दिया जाए।
 
 21 बोबिन केस - बोबिन केस एक धातु का आवरण होता है जिस में शटल 
से फिट होने से पहले बोबिन डाला जाता है। इस का काम  हुक को  धागा 
देना है 
 22 बोबिन केस मैकेनिज्म
- बोबिन केस मैकेनिज्म,बोबिन ( फिरकी),बोबिन केस ( डिब्बी)तथा हुक
रेस कपड़े पर एक सिलाई  बनाने के लिए दो धागे सामूहिक रूप से काम
करते हैं।एक सुई से आने वालाऔर दूसरा बोबिन से आने वाला धागा है।
सुई धागे को बोब्बिन केस से ले कर हुक रेस  कि सहायता से
लूप बनती है।

23 घुटने द्वारा उठाने वाला लिफ्टर - घुटने का लिफ्टर मशीन का वह

हिस्सा होता है जो सिलाई मशीन के टेबल के नीचे स्थित होता है। घुटने के

द्वारा लिफ्टर को ऊपर उठाने का उद्देश्य दबाव पैर को ऊपर उठाना

होता है।घुटने के लिफ्टर की स्थिति ऑपरेटर के घुटने के करीब होनी चाहिए

ताकि वह आसानी से संचालित हो सके।

24 फुट पैडल - जब ऑपरेटर फुट पैडल को पैर के साथ नीचे की दिशा में 
धकेलता है तो इस का उद्देश्य मशीन को मोटर से जोड़ते हुए चलना होता है।
23 मशीन पैन - मशीन पैन को तेल पैन भी कहा जाता है।  पैन के अंदर 
दिए गए संकेतों के अनुसार हमेशा साफ तेल होना  मशीन के संचालन के 
लिए बहुत ज़रूरी है  

24 थ्रेड स्टैंड - थ्रेड स्टैंड जैसा कि नाम से पता चलता है कि थ्रेड को पकड़ने के लिए मशीन से जुड़ा हुआ स्टैंड है। इस स्टैंड में निम्न शामिल हैं:

    स्पूल प्लेट: वह प्लेट जिस पर स्पूल(धागे की रील)को खड़ा किया जाता है।

    स्पूल बार: प्लेट के केंद्र से जुड़ा पिन, जो स्पूल को सीधा रखता है।

 

25 पावर स्विच सिलाई मशीन को चालू / बंद करने के लिए उपयो किए जाने वाले बटन को पावर स्विच कहा जाता है।

मशीन के भाग 👇 :

 


 

 दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप सभी को पाठ्य क्रम समझ में आ गया होगा, फिर भी अगर आपको कोई शंका हो तो कृपया बेझिझक पूछ सकते हैं, मुझे आपके प्रश्नों का उत्तर देने में खुशी होगी। अब आपके सीखने के आधार पर मैं आपको कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न देना चाहता हूं। पहेलियों को सुलझाने की कोशिश करें..बेस्ट ऑफ लक। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें : 👇


 

Practical Sample Works for Beginners ( Second)

  Hello friends , Welcome to  Vandana creations. Today we are going to construct some more important projects. These seam styles are used in...